दुर्गा पूजा के चार दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से नाराजगी चरम पर पहुँच गई है। शुक्रवार को गिरिडीह के आक्रोशित सफाई कर्मी नगर निगम कार्यालय पहुँचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), हजारीबाग को जमीन के अवैध जमाबंदी मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीबी की टीम के द्वारा इस मामले के प्राथमिकी अभियुक्त विनय कुमार सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि एक अपराधी घटना को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गौ तस्करी से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर शराब घोटाले की जांच में जानबूझकर की जा रही लापरवाही और ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) में हुए "संदेहास्पद फेरबदल" पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
झारखंड का प्राकृतिक सौंदर्य और व्यंजन देश की पहचान बन सकते हैं। इस दिशा में राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इस प्रयास में देश-दुनिया के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से जुड़े उद्यमियों से विशेष रुचि लेने और भागीदारी की अपील की गई है।
झारखंड राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव द्वारा जारी की गई इस सूची में विभिन्न वर्गों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
1 अक्टूबर को सोनीपत में होगा ट्रायल, झारखंड से 4 खिलाड़ियों का चयन
धनबाद जिले के राजगंज थाना की प्रभारी अलीशा कुमारी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद अब झारखंड हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है।
20 सितंबर को कुड़मी समाज द्वारा चलाए गए रेल टेका–डहर छेका आंदोलन के बाद अब मामला तूल पकड़ चुका है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने आंदोलनकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
झारखंड पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बभनी गांव में 13 सितंबर को हुई 80 लाख की डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है।
हजारीबाग जिले के पूर्व उपायुक्त और वर्तमान में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे ने सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में जमानत के लिए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है।
पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय दस माओवादी आज हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि झारखंड पुलिस, कोबरा, CRPF, झारखंड जगुआर और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगातार कार्रवाई और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं